
बुरहानपुर।हौंसला मत हार, गिरकर ऐ मुसाफिर…अगर दर्द यहाँ मिला है, तो दवा भी यहीं मिलेगी।सफलता उसी को मिलती है जो शाम तक चलता है,और जीत उसकी होती है जो अंत तक लड़ता है।बुरहानपुर की पत्रकारिता ने एक नई उड़ान भरी है। शहर में प्रेस क्लब बुरहानपुर का गठन किया गया, जो स्थानीय पत्रकारों के लिए सशक्त मंच और नई सोच का प्रतीक बनेगा।इस अवसर पर डॉ. आनंद दीक्षित को अध्यक्ष और संजय दुबे को सचिव के रूप में चुना गया। इसके अलावा अन्य पदाधिकारियों ने भी जिम्मेदारी संभाली।
डॉ. आनंद दीक्षित: समाजसेवी और पत्रकारिता के अग्रणी
डॉ. आनंद दीक्षित सिर्फ वरिष्ठ पत्रकार ही नहीं, बल्कि समाजसेवी के रूप में भी प्रसिद्ध हैं।पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने कई सराहनीय कार्य किए:पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए लगातार पहल।शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास मे नए पत्रकारों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन।स्थानीय समाज में नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा।इन सफल प्रयासों के कारण उन्हें फिर से प्रेस क्लब अध्यक्ष चुना गया है। उनका नेतृत्व बुरहानपुर में पत्रकारिता और समाज सेवा में सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद जगाता है। उद्देश्यपत्रकारों को एक साझा मंच प्रदान करना।निष्पक्ष, सशक्त और जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देना।बुरहानपुर में पत्रकारों के हितों और अधिकारों की सुरक्षा।समाज और नागरिकों तक सही जानकारी और जागरूकता पहुँचाना।पत्रकारिता में नई सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना। बुरहानपुर की ऐतिहासिक धरती और पत्रकारिता का भविष्य डॉ. आनंद दीक्षित और उनके नेतृत्व में नया प्रेस क्लब शहर के पत्रकारों को मार्गदर्शन, ऊर्जा और प्रेरणा देगा।डॉ. आनंद दीक्षित, सचिव संजय दुबे और सभी पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई मिल रही है।यह प्रेस क्लब बुरहानपुर में पत्रकारिता को नई दिशा, सकारात्मक सोच और समाज सेवा में नई ऊर्जा देगा।









